Friday, July 1, 2011

सुखी जीवन हमारा उद्देश्य


सुख क्या है? मन की दशा है. कैसे आती है? स्वास्थ्य? शांति? अकर्मण्यता? नहीं, वह इन सबको मिलाकर है. वह इन सबसे अलग है. मनुष्य के अंदर है. हर मनुष्य के लिये अलग है. आईये, हम हर मनुष्य के लिये इस पर चर्च करें और सीखें . . . जी हाँ निरंतर सीखना हीं सभी दुखों का अंत और परम सुख है!

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