मज़ा तो बहुत है इश्क की रंगीनियों में,
बस जेब में दाम हो जाए
हर ज़र्रा धरकता है प्यार के खातिर
बस पहले प्यार हो जाए
विद्रोह कि फितरत भी अपना रंग दिखा देगी
पहले अपना काम हो जाए
इश्क में डूबने का जी करता है
पर पहले साहिल का इंतज़ाम हो जाए
इश्क की रंगीन चादर बहुत सुन्दर है
डर है कहीं ये दाग न हो जाए
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